shani dev ki kripa pane ke upay भगवान् शनि देव के बारे में रोचक जानकारी

प्रिय मित्रों ---
 आज हम आप को भगवान्  शनिदेव  के बारे में बताएँगे ------
*      हिन्दू धर्म में देवी देवता, धर्म कर्म अदि की बहुत मान्यता है शिशु के जन्म लेते ही यह मान्यता और परम्पराएँ उस से जुड़ जाते है हिन्दू समाज में देवी देवता में आस्था न रखने वाला मनुष्य नास्तिक मन जाता है
*      हिन्दूधर्म को विश्व के समस्त धर्मों से ऊँचा मन गया है इस हिन्दू धर्म में पारिवारिक सुख समृधि बनाये रखने के लिए बहुत से पूजा प्रथिस्थान किये जाते हैं घर में सुख समिरिधि बनाये रखने के लिए भगवन शनि देव की पूजा की जाती है आईये जानते है शनि देव से जुड़े जानकारियां     

शनि देव – शनि देव को सूर्य पुत्र मन जाता है भगवन सूर्य की दो पत्निया थी १ देव पुत्री थी और दूसरी असुर पुत्री छाया थी शनि देव के माता का नाम छाया था शनि देव की माता भगवन शनि देव को बचपन में ही उन्हें छोड़कर मौत को गले लगा गयीं
शनि देव का पालन पोसन भगवन सूर्य देव की दूसरी पत्नी ने किया परन्तु भगवान सूर्य देव की पत्नी शनि देव को सौतेलापुत्र  मानकर उनसे जलती थी
सनी देव को भगवन सूर्य देव द्वारा यह वरदान प्राप्त था की वह समस्त लोको में प्राणी को उसके किये हुए कर्मो के अनुसार दंड देने का वरदान प्राप्त है
शनि देव को बहुत से मनुष्य ख़राब ग्रह मानते हैं पर भगवान्  शनि उन्ही लोगो कास्ट पहुचाये है जो बुरे कर्म करते हैं –
शनि देव किन लोगो को अपने प्रकोप का भागी बनाते है वह इस प्रका हैं ---
१ .परिस्त्री गामी पुरुष 
२. माता पिता को कास्ट पहुचने वाला मनुष्य
३. लोभी , धोखेबाज़
४. बिना वजह किसी को नुकसान पहुचने वाला मनुष्य
५. किसी के साथ बिस्वास घाट करने वाला
शनिदेव का प्रकोप ऊपर लिखे हुए मनुष्य पर इस प्रकार बरसता है---
      १ . शनि की साढ़ेसाती--- शनि की साढ़ेसाती  जिस मनुष्य  पर जब तक रहती है वह मनुष्य  कभी सुखी नहीं रहता है उसको असहनीय पीड़ा को सहन करना पड़ता है  वह अपने कार्य  में कभी भी सफलता हासिल नहीं कर पता है उसके द्वरा किये गए कार्य हमेशा नुकसान ही उठाना पड़ता है कभी-कभी तो नुकसान इतना ज्यादा हो जाता है कि मनुष्य उसके सदमे से मृत्यु तक को प्राप्त हो जाता है 
जिस मनुष्य पर साढेसाती का फेरा होता है वह मनुष्य हमेशा बीमारियों से घिरा रहता है बीमारियों के इलाज कराने पर भी उसके घर से बीमारियां नहीं जाती वह मनुष्य दिन-रात कमाता है उसके घर में लक्ष्मी कभी नहीं आती पैसे से वह हमेशा तंग रहता है जिसे भी मनुष्य पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव होता है वह मनुष्य हमेशा पीड़ित रहता है वाह जी तोड़ मेहनत करता है और उसके घर में खाने के भी लाले पड़ जाते उसके घर में पैसा नहीं आता है
इन सब परेशानियों से पीड़ित मनुष्य को शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए 
निम्नलिखित उपाय करने चाहिए
             शनिदेव को प्रसन्न करने के उपाय.........
1. शनिवार के दिन शनि मंदिर जाकर काले तिल और सरसों के तेल का अर्पण करना चाहिए
2. शनिवार के दिन सरसों के तेल का दान देना चाहिए
3. सरसों के तेल से बनी पौड़ी काले कुत्ते या काली गाय को खिलाना चाहिए
4. शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष में सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए
5. शनिवार के दिन काले कौवे को भोजन करवाना चाहिए
6. शनिवार के दिन काले घोड़े की नाल से बनी अंगूठी पहनना चाहिए
7. शनिवार के दिन घर में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए
8. शनिदेव के प्रकोप से बचने के लिए शनिवार के दिन हनुमान चालीसा सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए
9. शनिवार के दिन ओम साम शनिश्चराय नमः मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए
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 गृह निर्माण एवं गृह प्रवेश........ घर के निर्माण के विशेष रुप से ध्यान रखना चाहिए कि गृह निर्माण में कहीं सनी दोस्तों विशेष रुप से ध्यान रखना चाहिए कि गृह निर्माण में कहीं शनि दोष तो नहीं है
विवाह आदि कार्य में भी शनिदेव का विशेष ध्यान रखा जाता है वर और कन्या यदि मांगलिक होते हैं तो ही विवाह कार्य संपन्न होता है यदि कन्या मांगलिक है और वह मंगल कि नहीं है तो वह विवाह नहीं करना चाहिए
विशेष......
25 मई 2017 को शनि देव की जयंती व अमावस्या है यह संयोग लगभग कई वर्षों बाद बना है इस दिन शनि देव की पूजा करनी चाहिए  इस दिन उपवास रखकर शनि देव की पूजा करनी चाहिए शनि मंदिर जाकर सरसों के तेल से शनिदेव का जलाभिषेक करना चाहिए एवं शनि देव को काले तिल काले वस्त्र अर्पण करने चाहिए इससे शनिदेव बहुत प्रसन्न होते हैं अगर एक बार शनि देव प्रसन्न हो गए तो मनुष्य के जीवन में खुशहाली आ जाती है
            जय शनि देव

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