Farm bill 2020 | संसद सत्र के पहले दिन किसानों के लिए कृषक सशक्तिकरण और संरक्षण विधेयक पारित।today breaking news hindi

 संसद में पारित हुआ किसानों के लिए मंडी विधेयक









कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020 को लोकसभा से मिली मंजूरी।

कृषक सशक्तिकरण व संरक्षण अधिनियम के कुछ मुख्य बिंदु

1.अब किसान उपज से खाद्य उत्पाद बनाने वाली कंपनियों, थोक और फुटकर विक्रेता और निर्यातकों आदि के साथ उपज की बिक्री के लिए सीधे करार या व्यवसायिक समझौता कर सकेंगे।
2.किसी कंपनी या खरीदार के साथ उपज की खरीदारी का करार हो जाने के बाद अच्छी फसल के लिए साधन उपलब्ध कराना खरीददार की जिम्मेदारी होगी।
3. खरीददार द्वारा उपयुक्त कृषि मशीनरी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी होगी।
4. खरीददार द्वारा किसान को तकनीकी मार्गदर्शन और सलाह उपलब्ध कराई जाएगी। फसल के जोखिम की पूरी अथवा आंशिक जिम्मेदारी उठानी होगी।
5. फसल उत्पादन के दौरान किसानों का फसल पर मालिकाना हक होगा। फसलों का बीमा कराया जाएगा। आवश्यकता होने पर वित्तीय संस्थाओं से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
6. समझौते के अंतर्गत उगाई गई फसल पर कृषि उपज की बिक्री के नियमों और कानूनों एवं प्रावधानों से मुक्त रखा जाएगा।
अब किसान उपज से खाद्य उत्पाद बनाने वाली कंपनियों, थोक और फुटकर विक्रेताओं और निर्यातकों आदि के साथ सीधे करार या व्यावसायिक समझौता कर सकेंगे।
भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 2019 में प्रधानमंत्री बनने से पहले देश के किसानों से वादा किया था कि 2022 आने तक वे किसानों की आय को दोगुना कर देंगे। प्रधानमंत्री जी के इस बयान पर किसानों ने ज्यादा ध्यान दिया आखिर वह समय आ ही गया जब इस वादे को पूरा करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अध्यक्षता में हुई संसद सत्र की बैठक में कृषक सशक्तिकरण और संरक्षण विधेयक पारित हुआ। जिसके तहत किसानों की आय दोगुनी करने के समस्त प्रबंध किए गए हैं।
कृषक सशक्तिकरण संरक्षण विधेयक मैं किसान अपनी उपज  को सीधे थोक और फुटकर व्यापारियों तक पहुंचा सकेंगे।
इस विधेयक के अंतर्गत किसान अपनी फसल की कुल लागत निकाल कर मुनाफा कमा सकेंगे। यदि कोई किसान गेहूं उत्पादन कर रहा है तो वह अपनी इच्छा अनुसार ऐसे व्यापारी का चुनाव कर सकता है जिससे उसे ज्यादा लाभ हो। इससे पहले किसान अपनी फसल को व्यापारियों के मनमाने दाम पर बेचते थे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा व्यापारी किसान को अच्छा मूल्य देगा किसान उसे ही अपनी फसल बेचेगा

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