स्वयं सहायता समूह में नौकरी 2021 | swayam sahayata samuh कृषि सखी की नौकरी।

 स्वयं सहायता समूह के अंतर्गत कृषि सखी की नौकरी होती होती है। कृषि सखी की नौकरी किस प्रकार? मिलती है और कृषि सखी को कितना मानते और वेतन मिलता है? इसकी पूरी जानकारी हम इस पोस्ट में आपको देंगे। पोस्ट को नीचे पूरी पढ़ें।


कृषि सखी क्या होती है?

स्वयं सहायता समूह के अंतर्गत महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए मिशन रोजगार के अंतर्गत भारत सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कृषि सखी योजना की शुरुआत की। कृषि सखी योजना का लाभ स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई महिलाएं ले सकती है। इस पद के लिए आवेदन करने हेतु आपके गांव में कम से कम 1 स्वयं सहायता समूह या अधिकतम कितने भी स्वयं सहायता चल रहे होने चाहिए। 5 या 6 स्वयं सहायता समूह पर एक कृषि सखी की नियुक्ति की जाती है।

कृषि सखी नौकरी कैसे पाएं और कितना मानदेय मिलता है?

कृषि सखी की नौकरी प्राप्त करने के लिए आपको सबसे पहले न्यूनतम शैक्षिक योग्यता 10वीं पास अथवा अधिकतम शैक्षिक योग्यता 12वीं पास होनी चाहिए। अपने ग्राम के विकास विभाग ( ब्लॉक) जा कर यह सुनिश्चित कर लें की आपके ग्राम में किसी कृषि सखी की नियुक्ति पहले से तो नहीं है यदि नहीं है तो आपको राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अधिकारियों से जाकर कृषि सखी के पद हेतु एक फॉर्म ले लेना है और उसे भरकर उसी ऑफिस में जमा कर देना है। कृषि सखी के नियुक्ति से संबंधित सभी जानकारी आपको राष्ट्रीय आजीविका मिशन के ऑफिस में मिल जाएगी। यह ऑफिस आपके ब्लॉक में होता है।
नियुक्ति के लिए आपको फॉर्म भरने के बाद कृषि सखी पद से संबंधित परीक्षा को देना होगा। परीक्षा देने के बाद यदि आप चयनित किए जाते हैं तो आपको राष्ट्रीय आजीविका मिशन के ऑफिस के अधिकारियों द्वारा सूचित किया जाएगा।
कृषि सखी के पद पर नियुक्त होने के बाद आपको 1200 से लेकर 1500 का मानदेय प्रतिमाह मिलेगा।

कृषि सखी का कार्य।

स्वयं सहायता समूह के अंतर्गत नियुक्त की गई कृषि सखी को स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को कृषि से संबंधित सभी योजनाओं की जानकारी देना होता है। कृषि सखी ब्लॉक पर जाकर स्वयं सहायता समूह के लिए कृषि से संबंधित आई हुई सभी योजनाओं को एवं अधिकारियों द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों और सभी प्रकार के कृषि से संबंधित कार्यों की जानकारी स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को देना होता है। इसके लिए कृषि सखी को माह में दो या तीन बार ब्लॉक जाना होता है। और कृषि से संबंधित सभी जानकारियां देकर समूह की बैठक के दौरान बताना होता है।

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