स्वयं सहायता समूह की लिस्ट up | उत्तर प्रदेश स्वयं सहायता समूह लिस्ट देखें। स्वयं सहायता समूह क्या है? SHG

राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत चल रहे स्वयं सहायता समूह उत्तर प्रदेश के किसी भी गांव की लिस्ट कैसे निकाली जाती है? इसके अलावा स्वयं सहायता समूह के पूरी जानकारी आइए जानते हैं इस पोस्ट में नीचे पढ़े।

स्वयं सहायता समूह में नौकरी 2022 IPRP। की नौकरी के लिए यहां टच करें अथवा आगे पढ़ते रहें।

हमने इस पोस्ट में आपको केवल उत्तर प्रदेश की लिस्ट देखने के बारे में बताया है लेकिन आप किसी भी राज्य की लिस्ट इस वीडियो के जरिए देखकर आसानी से निकाल  सकते हैं।

बस आपको उत्तर प्रदेश की जगह अपने राज्य का नाम चुनना होगा।

उत्तर प्रदेश स्वयं सहायता समूह की लिस्ट देखने के लिए आप को नीचे दिए गया वीडियो देखें अथवा नीचे पोस्ट को पढ़ें।


उत्तर प्रदेश स्वयं सहायता समूह की लिस्ट ऑनलाइन मोबाइल पर कैसे निकाले?|स्वयं सहायता समूह की सूची

भारत सरकार के राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत चल रहे स्वयं सहायता समूहों के अंतर्गत उत्तर प्रदेश मैं किस ग्राम में कितने स्वयं सहायता समूह चल रहे हैं और उसमें कितनी महिलाएं जुड़ी हुई हैं इन सब की डिटेल जानने के लिए आपको नीचे दिए गए वेबसाइट लिंक पर जाकर क्लिक करना होगा।
ऊपर दी गई लिंक को क्लिक करने के बाद निम्नलिखित दिशानिर्देशों का पालन करें।
  1. उत्तर प्रदेश स्वयं सहायता समूह की लिस्ट देखने के लिए सबसे पहले आपको अपना राज्य चुनना है जिसमें आपको उत्तर प्रदेश का चुनाव करना है।
  2. इसके बाद आपको अपना जिला चुनना है।
  3. जिला चुनने के बाद आपको अपना विकास क्षेत्र चुना है। जिसे हम ब्लॉक भी कहते हैं।
  4. ब्लॉक चुनने के बाद आपको संबंधित ब्लाक में आने वाले सभी ग्राम की लिस्ट मिल जाएगी।
  5. इसके बाद आपको अपना ग्राम चुन लेना है। ग्राम चुनने के बाद आपको सबमिट बटन पर क्लिक करना। जैसे ही आप सबमिट बटन पर क्लिक करते हैं आपके ग्राम में जितने भी स्वयं सहायता समूह चल रहे होंगे उनके नाम और उस में कितनी महिलाएं जुड़ी हुई हैं, सब की जानकारी सामने आ जाएगी।

स्वयं सहायता समूह क्या है? Swayam sahayata samuh kya hai?

स्वयं सहायता समूह को SHG भी कहते हैं। SHG का full form = self help group होता है। 
भारत सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं में धन के बचत एवं रोजगार के अवसर प्रदान करने हेतु राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह गठन योजना प्रारंभ की।

स्वयं सहायता समूह का गठन ग्रामीण क्षेत्र की 10 से 12 महिलाएं कर सकती हैं। स्वयं सहायता समूह में अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष और सचिव तीन प्रमुख महिलाएं होती हैं और अन्य महिलाएं सदस्य के रूप में जोड़ी जाती हैं। इसके बाद अपने ब्लॉक स्तर पर जाकर अथवा ऑनलाइन कंप्यूटर या किसी सीएससी जन सेवा केंद्र पर स्वयं सहायता समूह का रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है।
 इसके अंतर्गत ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की महिलाएं स्वयं सहायता समूह बनाकर वित्तीय लेनदेन जैसे कार्यों को करती हैं। स्वयं सहायता समूह में महिलाएं साप्ताहिक बैठक के दौरान गृह कार्य से कुछ बचत करते हैं। और उस बचत को समूह के नाम से खोले गए खाते में जमा किया जाता है। इस पर भारत सरकार सामान्य बचत खाते के मुकाबले अधिक ब्याज देती है। इसके अलावा स्वयं सहायता समूह से किसी भी उद्यम को लगाने हेतु ऋण दिया जाता है। स्वयं सहायता समूह का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में शराब और शोषण से मुक्ति पाने के लिए है
यदि किसी महिला का पति शराब पीता है और उस महिला के वित्तीय जरूरतों को पूरा नहीं करता है तो वह महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा कर सकती है।

स्वयं सहायता समूह रजिस्ट्रेशन up। स्वयं सहायता समूह गठन उत्तर प्रदेश।


Uttar Pradesh के किसी भी ग्राम में स्वयं सहायता समूह का रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। स्वयं सहायता समूह के गठन के लिए आपको अपने गांव या क्षेत्र की समूह सखी का पता करना होगा। राष्ट्रीय आजीविका मिशन की तरफ से नियुक्त की गई समूह सखी प्रत्येक ग्राम पंचायत या शहरी क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में समूह के गठन का कार्य करते हैं। इसके अलावा यदि आप स्वयं भी समूह गठन का कार्य करना चाहते हैं तो कर सकते हैं।Swayam sahayata samuh का गठन करने के लिए निम्नलिखित चरणों का अनुसरण कराना होगा।
1. स्वयं सहायता समूह गठन के लिए आपको गांव या शहरी क्षेत्र जहां भी आप रहती हैं, वहां पर आपको 12 महिलाओ को समूह में जुड़ने के लिए प्रेरित कराना होगा।
2. इसके बाद आपको अपने समूह का नाम रख लेना होगा जैसे, तुलसी प्रेरणा समूह, मां जानकी प्रेरणा समूह इत्यादि।
3. समूह का नाम रख लेने के बाद समूह की महिलाओं को सप्ताह के किसी एक दिन प्रत्येक सप्ताह एक बैठक करनी होगी।
4. बैठक की जानकारी एक रजिस्टर में नोट करनी होगी।
5. बैठक रजिस्टर में नोट करना होगा, समस्त हिसाब किताब जैसे कि बैठक में कितना धन जमा हुआ। समूह की महिलाओं ने बैठक के दौरान कौन सी नई जानकारी प्राप्त की इत्यादि।

Swayam sahayata samuh (SHG) registration online। स्वयं सहायता समूह रजिट्रेशन  ऑनलाइन।

स्वयं सहायता समूह का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन भी करवाया जा सकता है। swayam sahayata samuh registration online करने के लिए आप किसी सहज जन सेवा केंद्र csc centar अथवा खुद के कंप्यूटर से किया जा सकता है। मोबाइल फोन से भी स्वयं सहायता समूह रजिस्ट्रेशन संभव है।
स्वयं सहायता समूह रजिस्ट्रेशन करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करना होगा। नीचे दिए गए विकल्पों के जरिए आप आसानी से स्वयं सहायता समूहों का रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
  1. सबसे पहले अपने  कंप्यूटर या मोबाइल फोन में इंटरनेट ऑन करें।
  2. नीचे दिए गए स्वयं सहायता समूह की ऑफिशियल वेबसाइट लिंक को टच/ क्लिक करें।
  3. https://www.kviconline.gov.in/pmegpeportal/jsp/pmegponlineNI.jsp?BENF_CD=4
  4. ऊपर दी गई लिंक को जैसे ही आप टच करेंगे आप खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की वेबसाइट पर पहुंच जाएंगे।
  5. इसके बाद वहां पर आपको एक फॉर्म दिखेगा जिससे आपको पूरा भरना होगा।
  6.  फार्म में आपको स्वयं सहायता समूहों का नाम।
  7. स्वयं सहायता समूह रजिस्ट्रेशन कराने वाले व्यक्ति का नाम।
  8. आपका आधार कार्ड नंबर।
  9. पैन कार्ड नंबर।
  10. किसी एजेंसी से आप संसाधनों का रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं। Sponsoring Agency का नाम KVIC को चुनना होगा।
  11. आपके राज्य का नाम।
  12. आपके जिले का नाम।
  13. आपके ग्राम का पूरा पता।
  14. इस प्रकार की कुछ जानकारी पूछी जाएंगी। इन जानकारी में आपको जिस जानकारी के सामने * का चिन्ह लगा दिखाई दे उसको भरना अनिवार्य होता है। इसलिए उसे जरूर भरें।
ऊपर बताई गई प्रक्रिया से आप उत्तर प्रदेश में अथवा अन्य किसी राज्य से आसानी से स्वयं सहायता समूह का रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।

Up swayam sahayata samuh registration. स्वयं सहायता समूह का रजिस्ट्रेशन up

ऊपर बताई गई समस्त प्रक्रिया को करने के बाद आपको अपने विकासखड (ब्लॉक) जाकर राष्ट्रीय आजीविका मिशन कार्यालय में संपर्क करना होगा। वहां जाकर आपको राष्ट्रीय आजीविका मिशन के ब्लॉक मिशन मैनेजर BMM से संपर्क करना होगा।
ब्लॉक मिशन मैनेजर से जाकर अपने समूह से जुड़ी सभी जानकारी देना होगा जैसे समूह का नाम समूह में कितनी महिलाएं शामिल हैं। इसके बाद ब्लॉक मिशन मैनेजर आपको एक समूह गठन के लिए एक पुस्तिका एवं कुछ फॉर्म देगा जिसे भरकर जमा करना होगा।
Swayam sahayata samuh गठन के लिए फॉर्म जमा करने के बाद आपको राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अधिकारियों द्वारा बताई गई बैंक में समूह के नाम से खाता खुलवाना होगा।
खाता खुल जाने के बाद स्वयं सहायता समूह की बैठक में जमा किए गए धन को बैंक खाते में जमा करना होगा।
स्वयं सहायता समूह गठन के बाद आपको अपने समूह को ऑनलाइन चेक करना होगा कि हमारा समूह बना है या नहीं जब तक आपके समूह का नाम ऑनलाइन नहीं पता चल जाता है तब तक आपका समय गठन पूरा नहीं होगा।
आपका समूह गठन हुआ है या नहीं इसका पता लगाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और पूरी जानकारी भरें।
ऊपर दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बाद आप राष्ट्रीय आजीविका मिशन की ऑफिशियल वेबसाइट पर चले जाएंगे जिसमें आपको अपना राज्य जिला विकासखंड ग्राम पंचायत का नाम भरकर समूह का पता लगा सकते हैं।

स्वयं सहायता समूह के फ़ायदे। स्वयं सहायता समूह के लाभ।

भारत सरकार के राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत चल रहे स्वयं सहायता समूह से कितना और कैसे लाभ मिलता है? इसको आप निम्नलिखित बिंदुओं से समझ सकते हैं।
  1. स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई महिलाएं समूह से अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करते हैं।
  2. स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक संकट अथवा महामारी के समय swayam sahayata samuh के बैंक खाते से आसानी से ऋण प्राप्त हो जाता है।
  3. स्वयं सहायता समूह से साप्ताहिक बचत के दौरान जमा के निधन पर भारत सरकार न्यूनतम ब्याज से अधिक ब्याज देती है।
  4. स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं किसी भी रोजगार को करने के लिए आसानी से ऋण प्राप्त कर सकती हैं।
  5. स्वयं सहायता समूह से किसी भी लघु उद्योग के लिए ₹650000 तक का लोन न्यूनतम ब्याज दर पर प्राप्त किया जा सकता है।
  6. स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार देने के लिए भारत सरकार समय-समय पर उन्हें विभिन्न पदों पर संविदा की नौकरी भी प्रदान करती है।
  7. स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को अनेक योजनाओं से जोड़ा जाता है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति समूह से जुड़कर बहुत ही अच्छी हो जाती है।
  8. स्वयं सहायता समूह से लाभ प्राप्त करने के लिए अपने ग्राम संगठन से जुड़े रहें और अपने समूह सखी से विभिन्न योजनाओं की जानकारी लें।
स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं समूह से लाभ प्राप्त करने के लिए योजनाओं की जानकारी के लिए अपने समूह सखी से संपर्क करें। इसके अलावा स्वयं सहायता समूह की महिलाएं समूह से लाभ प्राप्त करने के लिए अपने ब्लॉक स्तर पर जाकर राष्ट्रीय आजीविका मिशन के कार्यालय पर ब्लॉक मिशन मैनेजर से भी सम्पर्क कर सकती हैं।

स्वयं सहायता समूह में नौकरी। swayam sahayata samuh job.

स्वयं सहायता समूह में समूह की महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय आजीविका मिशन के द्वारा विभिन्न पदों पर नौकरियां भी प्रदान किए जाते हैं। स्वयं सहायता समूह में नौकरियां संविधान अथवा रोजगार के रूप में प्रदान की जाती हैं। आइए जानते हैं स्वयं सहायता समूह में कितने प्रकार की नौकरियां दी जाती है।
कुछ प्रमुख प्रकार की नौकरी की जानकारी नीचे दी जा रही है।

स्वयं सहायता समूह में समूह सखी की नौकरी।

स्वयं सहायता समूह में समूह सखी की नौकरी के पद पर कार्य करने वाली महिलाओं को अपने ग्राम पंचायत में चलने वाले 2 से 3 समूहों के संचालन का कार्य करना पड़ता है। समूह सखी ग्राम संगठन से जुड़कर कार्य करती है। समूह सखी को समूह संचालन के कार्य के लिए राष्ट्रीय आजीविका मिशन की तरफ से वेतन भी दिया जाता है।

स्वयं सहायता समूह में BC सखी की नौकरी।

राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत चल रहे स्वयं सहायता समूह में समूह की महिलाओं को BC sakhi (banking correspondent) की नौकरी प्रदान की जाती है। बीसी सखी नौकरी में महिलाएं मिनी बैंक के रूप में गांव में पैसे का लेनदेन करती हैं।
इस योजना में आवेदन ब्लॉक स्तर पर ऑफलाइन किए जाते हैं। हाल ही में वर्ष 2021में उत्तर प्रदेश में 58000 ग्राम पंचायतों में बीसी सखी
 के पदों पर नौकरियां दी थी।
BC सखी योजना में पैसे के लेनदेन एवं कमीशन के रूप में 1 महीने के ₹9000 से लेकर ₹15000 तक आसानी से कमा सकते हैं।

इस योजना में कार्य करने के लिए लैपटॉप एवं फिंगर प्रिंट डिवाइस भारत सरकार की तरफ से प्रदान किए जाते हैं जिनसे आप आधार नंबर और फिंगरप्रिंट के जरिए बैंक से पैसा निकालो जमा कर सकते हैं।

स्वयं सहायता समूह पशु सखी की नौकरी

स्वयं सहायता समूह में राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत पशु सखी की नौकरी दी जाती है। पशु सखी की नौकरी के पद के लिए आवेदन ब्लॉक स्तर पर ऑफलाइन लिए जाते हैं। पशु सखी की नौकरी करने वाली महिला को स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को पशुओं के बारे में जानकारी देना एवं पशुओं से संबंधित योजनाओं की जानकारी देना होता है। इसके लिए राष्ट्रीय आजीविका मिशन के द्वारा संविदा मानदेय भी दिया जाता है।
पशु सखी के पद पर आवेदन के लिए आपको अपने ब्लॉक स्तर पर संपर्क करना होगा अथवा अपनी समूह सखी से जानकारी लेना होगा।

स्वयं सहायता समूह बैंक सखी की नौकरी।

स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बैंक सखी की नौकरी के पदों पर आवेदन कर सकती हैं। बीसी सखी और बैंक सखी में बहुत अंतर है। बैंक सखी का कार्य स्थानीय ग्रामीण बैंकों में रहकर समूहों के कार्य जैसे बैंक खाता खुलवाना CCL लोन का फॉर्म भरवाना इत्यादि कार्य होते हैं।

स्वयं सहायता समूह में बिजली सखी की नौकरी।

भारत सरकार ने बिजली विभाग में स्वयं सहायता समूह को नौकरी देने को कहा है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को गांव में लगे बिजली मीटर की रीडिंग करके उपभोक्ताओं को बिजली बिल निकाल कर देने का कार्य सौंपा जाएगा। बिजली बिल निकालने का कार्य करने वाली महिलाओं को बिजली सही कहा जाएगा। इन महिलाओं को सरकार की तरफ से मासिक वेतन भी दिया जाएगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत में 1000 बिजली कनेक्शन पर एक बिजली सखी की नियुक्ति की जाएगी। बिजली सखी बनाने के बाद आपको स्वयं के खर्च से थर्मल प्रिंटर लेना होगा। Thermal printer बाजार मैं 4000 से लेकर ₹5000 तक की धनराशि में मिल जाते हैं। इसके अलावा बिजली बिल मीटर रीडिंग के लिए आपके पास एक स्मार्टफोन होना चाहिए।
बिजली विभाग के द्वारा आपको आपके स्मार्टफोन पर एक ऐप दिया जाएगा जिसकी सहायता से आप बिजली बिल के मीटर की रीडिंग कर सकते हैं। मीटर रीडिंग के बाद आपको अपने स्मार्टफोन से बिजली बिल जमा करना होगा। स्मार्टफोन से बिजली बिल जमा करने के लिए आपको अपने वॉलेट को रिचार्ज करवाना होगा। वॉलेट रिचार्ज करवाने के लिए आपको अपने पास से धनराशि जमा करना होगा। बिजली बिल जमा करने और मीटर रीडिंग करने के लिए आपको सरकार की तरफ से मासिक मानदेय प्रदान किया जाएगा।

यह योजना भारत में कई क्षेत्रों में लागू कर दी गई है। इस योजना की पूर्णतया सफलता के बाद पूरे भारत में से लागू किया जाएगा।


इस प्रकार स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई महिलाओं के लिए समूह में राष्ट्रीय आजीविका मिशन की तरह से समय-समय पर अनेक नौकरियां प्रदान की जाती हैं। हालांकि आपको बता दें कि इन नौकरियों को संविदा पर रखा जाता है। संविदा पर नियुक्त नौकरी के पद के लिए कोई निश्चित मानदेय नहीं होता है।

स्वयं सहायता समूह में रोजगार। swayam sahayata samuh mein rojgar.

स्वयं सहायता समूह में समूह से जुड़ी महिला सदस्यों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने एवं रोजगार के सृजन हेतु अनेक रोजगार के अवसर प्रदान किए हैं।
Swayam sahayata samuh से  जुड़ी महिलाओं को रोजगार अथवा लघु उद्योग स्थापित करने के लिए ₹650000 की धनराशि CCL loan के रूप में न्यूनतम ब्याज दर पर प्रदान की जाती है।
इसके अलावा स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आप अपने उद्योग के अनुसार 50000 से लेकर ₹500000 या इससे अधिक ₹650000 तक का ऋण ले सकते हैं।
स्वयं सहायता समूह से जुड़ कर निम्नलिखित प्रकार के रोजगार प्रारंभ किए जा सकते हैं।
  1. स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अचार पापड़ रोजगार शुरू किया जा सकता है इसमें कम लागत में आप अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।
  2. स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आप मोमबत्ती उद्योग भी लगा सकते हैं।
  3. Swayam sahayata samuh से लोन लेकर आप अगरबत्ती और मोमबत्ती जैसे रोजगार प्रारंभ कर सकते हैं।
  4. Swayam sahayata samuh से loan लेकर डेयरी उद्योग प्रारंभ किया जा सकता है।
  5. स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आजीविका एक्सप्रेस योजना के तहत ₹650000 का लोन लेकर आप ई रिक्शा खरीद कर अपनी कमाई शुरू कर सकते हैं।
  6. स्वयं सहायता समूह से जुड़ कर आप रेडीमेड वस्त्र रोजगार प्रारंभ कर सकते हैं। स्वयं सहायता समूह से कुछ महिलाएं सिलाई रोजगार प्रारंभ कर सकते हैं, इससे रोजगार के तहत राष्ट्रीय आजीविका मिशन भारत सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों के बच्चों की ड्रेस की सिलाई का कार्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रदान किया जाता है।
  7. स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को सोलर दीदी बना कर सोलर लैंप व्यवसाय करने के लिए प्रोत्साहन धनराशि दी जाती है।
इस तरह स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई महिलाएं CLF 50,000 लोन एवं CCL loan 650000 रूपए लेकर अनेक प्रकार के व्यवसाय कर सकती हैं।


स्वयं सहायता समूह से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न। Swayam sahayata samuh questions and answers

प्रश्न 1. स्वयं सहायता समूह का गठन ग्रामीण क्षेत्र में ही किया जाता है?
उत्तर_ हां स्वयं सहायता समूह का गठन ग्रामीण क्षेत्र में ही किया जाता है शहरी क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह को दीनदयाल अंत्योदय योजना के नाम से भी जाना जाता है।
प्रश्न 2. स्वयं सहायता समूह में कौन-कौन सी नौकरियां हैं?
उत्तर _ स्वयं सहायता समूह में जुड़ी पढ़ी लिखी महिलाओं को राष्ट्रीय आजीविका मिशन के द्वारा संविदा पर अनेक प्रकार की नौकरियां दी जाती हैं। लेकिन इन नौकरियों को रोजगार कहना उपयुक्त होगा। क्योंकि इन पदों की नौकरियों का कोई निश्चित मानदेय नहीं है
प्रश्न 3. स्वयं सहायता समूह के क्या लाभ हैं?
उत्तर स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई महिलाओं को अनेक प्रकार के लाभ दे जाते हैं। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई महिलाएं में बचत की क्षमता विकसित हो जाती है इसके अलावा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार के लिए न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण प्रदान किया जाता है।
प्रश्न 4 . स्वयं सहायता समूह से कितने रुपए का लोन लिया जा सकता है?
उत्तर स्वयं सहायता समूह में लोन के लिए आपके समूह की ग्रेडिंग अच्छी होनी चाहिए। इसके अलावा स्वयं सहायता समूह से 15000 से लेकर ₹650000 तक का लोन लिया जा सकता है।
प्रश्न 5 . स्वयं सहायता समूह का लोन लेने के बाद क्या उसे लौट आना पड़ता है।
स्वयं सहायता समूह में लोन लेने के बाद समूह को ब्याज सहित लोन को लौट आना पड़ता है। लेकिन स्वयं सहायता समूह के द्वारा लिए गए laon पर बैंक न्यूनतम ब्याज दरों पर loan प्रदान करती है।







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