स्वयं सहायता समूह रजिस्ट्रेशन up । Swayam sahayata samuh registration up

 राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत swayam sahayata samuh कैसे regitrater कराए जाते हैं। उत्तर प्रदेश में किसी भी ग्राम पंचायत में रहने वाली महिलाएं स्वयं सहायता समूह बनाकर उसे कैसे रजिस्टर करा सकती हैं। आइए जानते हैं।

Up swayam sahayata samuh registration
Swayam sahayata samuh registration

स्वयं सहायता समूह रजिस्ट्रेशन up । Swayam sahayata samuh registration up

Uttar Pradesh के किसी भी ग्राम में स्वयं सहायता समूह का रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। स्वयं सहायता समूह के गठन के लिए आपको अपने गांव या क्षेत्र की समूह सखी का पता करना होगा। राष्ट्रीय आजीविका मिशन की तरफ से नियुक्त की गई समूह सखी प्रत्येक ग्राम पंचायत या शहरी क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में समूह के गठन का कार्य करते हैं। इसके अलावा यदि आप स्वयं भी समूह गठन का कार्य करना चाहते हैं तो कर सकते हैं।Swayam sahayata samuh का गठन करने के लिए निम्नलिखित चरणों का अनुसरण कराना होगा।
  1. स्वयं सहायता समूह गठन के लिए आपको गांव या शहरी क्षेत्र जहां भी आप रहती हैं, वहां पर आपको 12 महिलाओ को समूह में जुड़ने के लिए प्रेरित कराना होगा।
  2. इसके बाद आपको अपने समूह का नाम रख लेना होगा जैसे, तुलसी प्रेरणा समूह, मां जानकी प्रेरणा समूह इत्यादि।
  3. समूह का नाम रख लेने के बाद समूह की महिलाओं को सप्ताह के किसी एक दिन प्रत्येक सप्ताह एक बैठक करनी होगी।
  4. बैठक की जानकारी एक रजिस्टर में नोट करनी होगी।
  5. बैठक रजिस्टर में नोट करना होगा, समस्त हिसाब किताब जैसे कि बैठक में कितना धन जमा हुआ। समूह की महिलाओं ने बैठक के दौरान कौन सी नई जानकारी प्राप्त की इत्यादि।

Up swayam sahayata samuh registration. स्वयं सहायता समूह का रजिस्ट्रेशन up

ऊपर बताई गई समस्त प्रक्रिया को करने के बाद आपको अपने विकासखड (ब्लॉक) जाकर राष्ट्रीय आजीविका मिशन कार्यालय में संपर्क करना होगा। वहां जाकर आपको राष्ट्रीय आजीविका मिशन के ब्लॉक मिशन मैनेजर BMM से संपर्क करना होगा।
ब्लॉक मिशन मैनेजर से जाकर अपने समूह से जुड़ी सभी जानकारी देना होगा जैसे समूह का नाम समूह में कितनी महिलाएं शामिल हैं। इसके बाद ब्लॉक मिशन मैनेजर आपको एक समूह गठन के लिए एक पुस्तिका एवं कुछ फॉर्म देगा जिसे भरकर जमा करना होगा।
Swayam sahayata samuh गठन के लिए फॉर्म जमा करने के बाद आपको राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अधिकारियों द्वारा बताई गई बैंक में समूह के नाम से खाता खुलवाना होगा।
खाता खुल जाने के बाद स्वयं सहायता समूह की बैठक में जमा किए गए धन को बैंक खाते में जमा करना होगा।
स्वयं सहायता समूह गठन के बाद आपको अपने समूह को ऑनलाइन चेक करना होगा कि हमारा समूह बना है या नहीं जब तक आपके समूह का नाम ऑनलाइन नहीं पता चल जाता है तब तक आपका समय गठन पूरा नहीं होगा।
आपका समूह गठन हुआ है या नहीं इसका पता लगाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और पूरी जानकारी भरें।
ऊपर दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बाद आप राष्ट्रीय आजीविका मिशन की ऑफिशियल वेबसाइट पर चले जाएंगे जिसमें आपको अपना राज्य जिला विकासखंड ग्राम पंचायत का नाम भरकर समूह का पता लगा सकते हैं।

स्वयं सहायता समूह के बारे में जानकारी।

स्वयं सहायता समूह का गठन राष्ट्रीय आजीविका मिशन भारत सरकार की तरफ से किया जाता है। स्वयं सहायता समूह के गठन का उद्देश्य ग्रामीण व शहरी क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना। भारत में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद महिलाओं को पुरुषों के द्वारा प्रताड़ित करना विवाह के उपरांत दहेज ना मिलने पर उन्हें छोड़ देना। विवाह के उपरांत शराब व जुआ खेलकर अपनी संपत्ति को नष्ट कर देना एवं महिलाओं को प्रताड़ित करना जैसी घटनाएं देखने को मिलने लगी। महिलाओं की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी अतः महिलाओं को पुरुषों के प्रताड़ना का शिकार बनना पड़ता। भारत सरकार ने राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह का गठन करके महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोडकर आर्थिक रूप से सशक्त  बनाना प्रारंभ कर दिया। अपने ब्लॉक स्तर पर जाकर स्वयं सहायता समूह के गठन संबंधी पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। राष्ट्रीय आजीविका मिशन प्रत्येक ग्राम पंचायत में समूह सखी की नियुक्ति करता है जिसके माध्यम से भी आप स्वयं सहायता समूह का गठन करवा सकते हैं।

स्वयं सहायता समूह के नियम।

स्वयं सहायता समूह के गठन के बाद समूह के 5 सूत्रों का पालन करना होता है जो इस प्रकार हैं। स्वयं सहायता समूह में यही 5 सूत्र swayam sahayata samuh के नियम कहलाते हैं।
  1. स्वयं सहायता समूह द्वारा प्रत्येक सप्ताह बैठक।
  2. स्वयं सहायता समूह के गठन के नियमित बचत।
  3. स्वयं सहायता समूह में सदस्यों की मांग के अनुसार loan का परिचालन।
  4. लोन का समय पर भुगतान।
  5. स्वयं सहायता समूह के रजिस्टर को सही प्रकार से भरा जाना।

स्वयं सहायता समूह से लाभ। swayam sahayata samuh se labh

राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत चल रहे स्वयं सहायता समूह का गठन भारत सरकार की तरफ से किया जाता है। स्वयं सहायता समूह के गठन के बाद भारत सरकार स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार एवं रोजगार करने के लिए बैंक से न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण प्रदान करता है। स्वयं सहायता  समूह में खोले गए खाते के माध्यम से समूह की महिलाएं बैंक से न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण ले सकते हैं एवं अपना रोजगार शुरू कर सकते हैं। Rashtriya ajivika mission के द्वारा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को नौकरियां भी दी जाती हैं।








एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ