shramik card ke fayde। श्रमिक कार्ड के फायदे। ई श्रम कार्ड और श्रमिक कार्ड में अंतर

भारत सरकार द्वारा श्रमिकों को अनेक लाभ एवं योजनाएं प्रदान करने के लिए shramik card रजिस्ट्रेशन करवाया जा रहा है। भारत के प्रत्येक राज्य कि राज्य सरकार द्वारा श्रम विभाग में श्रमिक रजिस्ट्रेशन करवाया जा रहा है।

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आइए जानते हैं केंद्र सरकार द्वारा  पंजीकृत करवाए जाने वाले ई श्रमिक कार्ड और राज्य सरकारों द्वारा पंजीकृत करवाए जाने वाले श्रमिक कार्ड में क्या अंतर है?

Shramik card और e shramik card के क्या फायदे हैं? इन दोनों कारणों पर कौन-कौन सी योजनाएं मिलती हैं? इन दोनों कार्डों के नुकसान क्या है?

Shramik card ke fayde

Sharmik card aur E shram card men antar । श्रमिक कार्ड और ई श्रम कार्ड में अंतर।

श्रमिक कार्ड और ई श्रमिक कार्ड में बहुत बड़े मतभेद हैं। Shramik card जिसे कुछ लोग लेबर कार्ड के नाम से जानते हैं। श्रमिक कार्ड का रजिस्ट्रेशन प्रत्येक राज्य के श्रम विभाग की वेबसाइट द्वारा किया जाता है। जैसे आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश राज्य की श्रमिक वेबसाइट की ऑफिशियल लिंक कुछ इस प्रकार है।https://upbocw.in/index.aspx जहां से आप उत्तर प्रदेश के श्रम विभाग में रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
इसके अलावा ई श्रमिक कार्ड e shramik card केंद्र सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए रजिस्ट्रेशन कराने हेतु होते हैं। यह रजिस्ट्रेशन भारतीय केंद्र सरकार ने हाल ही में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को लाभ पहुंचाने के लिए शुरू किया है।इस योजना में सेल्फ रजिस्ट्रेशन करवाने हेतु आपको यहां दी गई लिंक पर क्लिक करना होगा। https://eshram.gov.in/hi/node/3
ऊपर बताए गए तथ्यों से आप श्रमिक कार्ड और ई श्रम कार्ड में अंतर समझ चुके होंगे।
नीचे आपको हम बताएंगे कि इन दोनो पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद आपको किस प्रकार के लाभ मिलेंगे। अथवा यह कहे कि यह दोनों कार्ड बनवाने पर किसको कितने फायदे मिलेंगे।

उत्तर प्रदेश श्रमिक कार्ड के फायदे।

Uttar Pradesh सरकार ने श्रमिकों के लिए अनेक योजनाएं संचालित की हैं। इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए आपको उत्तर प्रदेश के श्रम विभाग की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करवाना होता है। Registration करवाने के लिए आप किसी भी कंप्यूटर सेंटर अथवा सीएससी जन सेवा केंद्र पर जा सकते हैं। Computer centre पर जाकर आप अपना श्रमिक कार्ड बनवा सकते हैं। श्रमिक कार्ड बनवाने के लिए प्रथम वर्ष की अनुदान राशि ₹20 उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से जमा किए जाते हैं। अगले वर्ष आपको ₹20 श्रमिक कार्ड अनुदान धन राशि के रूप में जमा करने होते हैं।
आइए जानते हैं उत्तर प्रदेश श्रमिक कार्ड बनवाने के क्या लाभ हैं। श्रमिक कार्ड बनाने से कौन-कौन से योजनाओं में लाभ मिलता है।
उत्तर प्रदेश श्रमिक कार्ड में कौन-कौन सी योजनाएं आप ले सकते हैं? कौन-कौन सी योजनाओं के लिए क्या पात्रता मानदंड है? कौन सी योजना में कितना पैसा मिलता है? किसी योजना का फॉर्म कहां से भरना है इसकी पूरी जानकारी के लिए आप नीचे दी गई विभागीय वेबसाइट पर विस्तार से पढ़ सकते हैं।
सभी योजनाओं के संक्षिप्त जानकारी के लिए नीचे पढ़ें।

श्रमिक कार्ड मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना

इस योजना में विवाह उपरांत संतान जन्म पर लाभ प्रदान किया जाता है।
मातृ एवं शिशु बालिका मदद योजना में पहली दो संतानों के प्रसव पर ₹6000 की धनराशि प्रदान की जाती है। अर्थात दो संतानों पर ₹12000 की धनराशि का लाभ ले सकते हैं।
इसके अलावा महिला कर्मकार ₹1000 की धनराशि चिकित्सा बोनस के रूप में भी दी जाती है।
बालिका मदद योजना परिवार में पहली सन्तान बालिका होने अथवा दूसरी सन्तान के भी बालिका होने की दशा अथवा कानूनी रूप से गोद ली गयी बालिका की दशा में रू0 25,000 की सावधि जमा। जन्म से दिव्याॅंग बालिका की दशा में रू0 50,000 की सावधि जमा। परिपक्वता राशि बालिका के 18 वर्ष की आयु तक अविवाहित रहने की दशा में ही देय होगी। शर्त पूर्ण न होने पर कोई भी राशि देय नहीं।

श्रमिक कार्ड संत रविदास शिक्षा सहायता योजना।

इस योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 25 वर्ष से कम आयु के अधिकतम दो बालक /बालिकाओं को कक्षा 1 से प्रारंभ कर उच्चतर शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति सहायता हेतु प्रदान किया जाना है।
Note-- केवल प्रदेश के मूल निवासियों को ही देय है।
संत रविदास शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत कक्षा एक से 12वीं तक की शिक्षा को पूर्ण करने के लिए श्रमिकों के दो बच्चों को सहायता धनराशि लाभ के रूप में दी जाती है। जो कुछ इस प्रकार है।
  1. कक्षा एक से पांचवीं तक की पढ़ाई के लिए ₹150 प्रति माह की धनराशि।
  2. कक्षा छठी से दसवीं  तक की पढ़ाई के लिए ₹200 प्रति माह की धनराशि।
  3. कक्षा 11 एवं 12 वीं की पढ़ाई के लिए ₹250 प्रति माह की धनराशि।
  4. स्नातक और परास्नातक छात्र-छात्राओं के लिए₹1000 से लेकर ₹2000 तक की धनराशि।
  5. अनुसंधान एवं शोध के क्षेत्र में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए ₹12000 की धनराशि अनुदान के रूप में दी जाती है।
  6. छात्राओं के लिए साइकिल अनुदान के रूप में दी जाती है।
इस योजना  में पात्रता के लिए आपको उत्तर प्रदेश का निवासी होना अनिवार्य है। आपके पास उत्तर प्रदेश श्रमिक कार्ड विभाग का रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। अध्ययनरत छात्र या छात्रा के माता-पिता का श्रमिक कार्ड होना चाहिए। छात्र छात्रा के माता-पिता का श्रमिक कार्ड होना चाहिए।

श्रमिक कार्ड मेधावी छात्र पुरस्कार योजना।

उत्तर प्रदेश श्रमिकों को लाभ देने के लिए सरकार ने श्रमिक कार्ड मेधावी छात्र पुरस्कार योजना चलाई है।
इस योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश श्रम एवं कर्मकार विभाग में रजिस्ट्रेशन एवं श्रमिक कार्ड धारक के बच्चों को नवमी एवं दसवीं कक्षा में 50% तथा अन्य उच्चतर शिक्षा में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए पुरस्कार योजना में धनराशि देने की योजना बनाई है।
इस योजना में उत्तर प्रदेश के मूल निवासी जो श्रम एवं कर्मकार विभाग में रजिस्ट्रेशन रखते हैं लाभार्थी होंगे।

श्रम कार्ड आवासीय विद्यालय योजना।

उत्तर प्रदेश सरकार ने परंपरागत श्रमिकों को shramik card ke अनेक fayde देने की घोषणा की है। उत्तर प्रदेश आवासीय विद्यालय योजना के अंतर्गत 6 से 14 वर्ष की आयु वर्ग में आने वाले श्रमिकों के बच्चों को निशुल्क आवास भोजन एवं शिक्षण योजना के अंतर्गत पात्र बनाया है। इस योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश का मूल निवासी जो श्रम एवं कर्मकर विभाग में रजिस्ट्रेशन रखता हो, उसके बच्चे निशुल्क आवासीय विद्यालय योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
इस योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 06 से 14 वर्ष तक की आयु वर्ग के बच्चों को प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल एवं माध्यमिक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराते हुए उन्हें गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करना है 

श्रमिक कार्ड कौशल विकास तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना।

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना के अंतर्गत एवं कर्मकार विभाग में रजिस्ट्रेशन रखने वाले श्रमिकों के अध्ययनरत बच्चों को कौशल विकास के अंतर्गत तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार देने की योजना बनाई है।
इस योजना के अंतर्गत कौशल विकास योजना से जोड़कर श्रमिकों के बच्चों एवं समकक्ष आयु वर्ग के अध्ययनरत श्रमिकों को अथवा अन्य श्रेणी के श्रमिकों को रोजगार हेतु तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान श्रमिक को अकुशल श्रमिक के समकक्ष वेतनमान भी दिया जाएगा।

श्रमिक कार्ड सौर ऊर्जा सहायता योजना।

इसी योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश कर्मकार विभाग में रजिस्टर्ड श्रमिक को सौर ऊर्जा योजना के अंतर्गत एक सोलर पैनल, दो एलईडी बल्ब एक टेबल फैन एवं एक चार्जिंग कंट्रोलर और एक बैटरी प्रदान की जाती है।
इस योजना में पात्रता के लिए आप उत्तर प्रदेश के स्थाई निवासी होने चाहिए। इसके अलावा उत्तर प्रदेश कर्मकार विभाग की वेबसाइट पर आपका ₹250 अतिरिक्त अंशदान जमा होना चाहिए।
इस योजना में एक परिवार को ही लाभ दिया जाता है। अर्थात यदि घर में माता-पिता का श्रमिक कार्ड बना हुआ है तो सिर्फ माता-पिता को इस योजना में लाभार्थी माना जाएगा।

श्रमिक कार्ड कन्या विवाह अनुदान योजना।

उत्तर प्रदेश श्रमिक विभाग की वेबसाइट पर रजिस्टर्ड परंपरागत श्रमिकों की कन्याओं के विवाह हेतु अनुदान धनराशि 55 हजार से लेकर ₹65000 की धनराशि प्रदान की जाती है। कन्या विवाह अनुदान योजना में लाभ प्राप्त करने के लिए आपको उत्तर प्रदेश के श्रम एवं कर्मकार विभाग से श्रमिक कार्ड बनवा लेना होगा। इसके अलावा इस की पात्रता कन्या के 21 वर्ष पूरे हो जाने के बाद विवाह करने पर मिलती है। इस योजना में लाभ लेने के लिए आपके पास विवाह निमंत्रण पत्र होना चाहिए। उत्तर प्रदेश श्रम एवं कर्मकार की विभाग पर रजिस्टर्ड श्रमिक कार्ड होना चाहिए एवं इसके साथ ही आपका अंशदान जमा होना चाहिए जो कि ₹20 होता है।

Shramik card आवास सहायता योजना।

उत्तर प्रदेश सरकार ने परंपरागत श्रमिकों को आवाज सहायता योजना के अंतर्गत ₹100000 की धनराशि का हित लाभ देने की घोषणा भी की है। इस योजना का लाभ लेने के लिए आपको उत्तर प्रदेश के श्रमिक एवं कर्मकार विभाग की वेबसाइट का श्रमिक कार्ड बनवा लेना होगा। इसके अलावा आप उत्तर प्रदेश के स्थाई निवासी होने चाहिए।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आवास सहायता योजना में परंपरागत और श्रमिकों को आवास बनवाने हेतु ₹100000 की धनराशि सहायता के रूप में प्रदान की जाती है। इस धनराशि से एवं अपने पास से धनराशि मिलाकर श्रमिक अपना घर बनवा सकता है।
इस योजना के अंतर्गत श्रमिक के आवास के पुनर जीर्णोद्धार हेतु ₹15000 की धनराशि दी जाती है। अर्थात यदि आपका पहले से आवास बन हुआ है और वह पुराना हो चुका है और फिर से उसे आप जीर्णोद्धार करवाना चाहते हैं तो इस धनराशि का लाभ आपको दिया जाएगा।

श्रमिक कार्ड शौचालय सहायता योजना।

उत्तर प्रदेश में परंपरागत श्रमिकों को शौचालय सहायता योजना के अंतर्गत ₹12000 की धनराशि शौचालय के निर्माण हेतु प्रदान की जाती है।
इस योजना को स्वच्छ भारत मिशन योजना से जोड़ा गया है। इस योजना का लाभ लेने के लिए आपको श्रमिक कार्ड बनवाना होगा। इसके बाद इस योजना में आवेदन कर के आप छः हजार रुपए की दो किस्तों में शौचालय सहायता योजना का लाभ ले सकते हैं।

श्रमिक कार्ड चिकित्सा सुविधा योजना।

इस योजना में उत्तर प्रदेश कर्मकार विभाग की वेबसाइट पर रजिस्टर्ड परंपरागत श्रमिकों को चिकित्सा सुविधा के लिए ₹2000 से लेकर ₹3000 की धनराशि प्रदान की जाती है।
परंपरागत श्रमिकों को विवाहित स्थिति में ₹3000 की धनराशि और अविवाहित स्थिति में ₹2000 की धनराशि चिकित्सा सुविधा योजना के अंतर्गत दी जाती है। इस योजना का लाभ श्रमिक कार्ड अंशदान जमा करने के बाद लिया जा सकता है।

श्रमिक कार्ड आपदा राहत सहायता योजना।

इस योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश सरकार श्रम एवं कर्मकार विभाग में रजिस्टर्ड श्रमिकों को₹1000 की धनराशि सहायता के रूप में दी जाती है। यह धनराशि अर्धवार्षिक अथवा वार्षिक हो सकती है अर्थात यह धनराशि वर्ष में 6 महीने बाद अथवा 1 वर्ष के उपरांत दी जाती है।
अन्य राज्यों में भी आपदा राहत सहायता योजना का प्रावधान है। किस योजना के अंतर्गत आज  महामारी जैसी स्थितियों एवं अन्य गंभीर बीमारियों से निपटने के लिए श्रमिकों को ₹1000 की सहायता धनराशि प्रदान की जाती है।

श्रमिक कार्ड महात्मा गांधी पेंशन योजना।

Shramik card महात्मा गांधी पेंशन योजना के अंतर्गत परंपरागत श्रमिकों को ₹1000 की धन राशि प्रतिमाह पेंशन के रूप में दी जाती है।
समय कार्ड महात्मा गांधी पेंशन योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आप उत्तर प्रदेश की श्रम एवं कर्मकार विभाग की वेबसाइट में रजिस्टर्ड श्रमिक होने चाहिए। इसके अलावा आपका श्रम कार्ड 10 वर्ष से अधिक पुराना होना चाहिए।
महात्मा गांधी पेंशन योजना के अंतर्गत 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर लेने वाले श्रमिकों को ₹1000 प्रति माह पेंशन के रूप में श्रम एवं कर्मकार बोर्ड द्वारा दिए जाते हैं।

गंभीर बीमारी सहायता योजना।

उत्तर प्रदेश shramik card के फ़ायदे एवं अनेक योजनाओं से लाभांवित श्रमिकों में गंभीर बीमारी सहायता योजना भी आती है। इस योजना में उत्तर प्रदेश श्रमिक एवं कर्मकार विभाग की वेबसाइट पर रजिस्टर्ड श्रमिकों को गंभीर बीमारी जैसे कैंसर ट्यूमर इत्यादि होने पर आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत देय धनराशि ₹500000 के समक्ष धनराशि प्रदान की जाती है।
इस धनराशि से श्रमिक अपना इलाज करवा सकता है इसके अलावा आपको बता दें कि श्रमिक एवं कामगार विभाग की वेबसाइट पर इस योजना में अधिकतम धनराशि का उल्लेख नहीं किया गया है। अर्थात कहने का मतलब यह है कि यदि आप की बीमारी कम पैसों में ही ठीक हो जाती है तो आपको इतनी ही धनराशि प्रदान की जाएगी।

श्रमिक कार्ड मृत विकलांगता एवं शारीरिक अक्षमता सहायता योजना।

इस योजना का लाभ हो उत्तर प्रदेश श्रम एवं कर्मकार विभाग की वेबसाइट में रजिस्टर्ड परंपरागत श्रमिकों को कार्यस्थल पर मृत्यु अथवा दुर्घटनाग्रस्त होने पर दिया जाता है।
श्रमिक के कार्यस्थल पर मृत्यु की दशा में ₹500000 की धारणा एवं आंशिक अपंगता की दशा में ₹200000 की धनराशि। अथवा ₹100000 की धन राशि प्रदान की जाती है।
कार्यस्थल पर या अन्यत्र दुर्घटना के फलस्वरूप मृत्यु होने पर रू0- 5,00,000/- की धन राशि। इसमें से 01 लाख खाते में भुगतान तथा शेष 04 लाख फ्क्सि डिपाजिट से देय।
2.कार्यस्थल पर दुर्घटना के कारण पूर्ण स्थायी विकलाँगता की दशा में रू0 03 लाख, स्थायी आॅशिक अपंगता में रू0 02 लाख देय।
3.कार्यस्थल से भिन्न पूर्णस्थायी विकलांगता अथवा सामान्य मृत्यु की दशा में रू0 02 लाख की धनराशि देय। अस्थायी आंशिक विकलाँगता की दशा में रू0 01 लाख देय।
4.अपंजीकृत श्रमिक के कार्यस्थल पर घटित दुर्घटना में मृत्यु होने पर रू0- 50,000 की आर्थिक सहायता राशि।
5.दुर्घटना या किसी बीमारी के कारण पूर्ण अक्षम होने पर जीवनकाल तक रू0 1500-1250-1000 की पेन्शन

उत्तर प्रदेश श्रमिक कार्ड अंत्येष्टि संस्कार सहायता योजना

उत्तर प्रदेश श्रमिक कार्ड अंत्येष्टि संस्कार सहायता योजना के अंतर्गत श्रमिक की मृत्यु की दशा में अंत्येष्टि संस्कार हेतु ₹25000 की धनराशि सहायता के रूप में दी जाती है। इस धनराशि का लाभ प्राप्त करने के लिए आपको श्रमिक कार्ड अंशदान धनराशि जमा करवानी होती है। श्रमिक की मृत्यु के समय अंशदान धनराशि प्रभावी होनी चाहिए।
ऊपर बताएगी समस्त योजनाएं उत्तर प्रदेश श्रम एवं कर्मकार विभाग की वेबसाइट से जानकारी के आधार पर बताई गई हैं। ऊपर बताई गई किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित विभाग के कार्यालय पर जाकर आवेदन करना होता है। इसके लिए आप अपने जिला स्तर पर श्रम एवं कर्मकार विभाग के कार्यालय पर जाकर लाभ ले सकते हैं।

E shramik card ke fayde। ई श्रमिक कार्ड के फ़ायदे।

Shramik card ke fayde
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भारत सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन e shramik card के माध्यम से करवाया है। ई श्रमिक कार्ड बनवाने के प्रमुख फायदे क्या हैं आइए जानते हैं नीचे दिए गए बिंदुवार जानकारी से।

1.कोविड-19 महामारी के कारण श्रमिकों को एक जगह से दूसरी जगह पलायन करने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। इस दौरान श्रमिकों के पास कोई भी कार्य नहीं था। आर्थिक तंगी के कारण कई श्रमिकों ने अपनी जिंदगी भी खो दी। इन सब समस्याओं को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने श्रमिकों के डिजिटल डाटा को इकट्ठा करके इस प्रकार की समस्याओं में आर्थिक तंगी से निपटने के लिए Esram card बनवाने की योजना चलाई है।
2.श्रम कार्ड से रजिस्ट्रेशन होने के कारण श्रमिकों के लिए आने वाली लाभकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाया जाएगा।
श्रमिकों के लिए लाभकारी योजनाओं में आने वाले धन को सीधे उनके बैंक खाते से जोड़ा जाएगा।
3.E श्रम कार्ड रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद केंद्र सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना को इसके साथ जोड़ा जाएगा।
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत ₹200000 की आर्थिक धनराशि श्रमिक के दुर्घटनाग्रस्त होने पर मृत्यु होने पर दो लाख अथवा आंशिक रूप से विकलांग होने पर ₹100000 की धनराशि दी जाएगी।
5.प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के लिए प्रतिवर्ष श्रमिक के खाते में से ₹12 की धनराशि काटी जाएगी। इस समय से पहले वर्ष की धनराशि भारत सरकार स्वयं चुकता करेगी।
श्रमिक कार्ड के फायदे जानने के बाद हम यह जानेंगे कि श्रमिक कार्ड बनता कैसे हैं। श्रमिक कार्ड बनवाने के लिए आपको कितनी फीस देनी पड़ सकती है। Shramik card बनवाने के लिए आपके पास कौन कौन से डॉक्यूमेंट होने चाहिए। सभी जानकारी आपको इस मिल जाएगी।




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